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दुर्गा उत्सव समितियों को कराना होगा पांडालों का फायर ऑडिट
उज्जैन:दुर्गा उत्सव मनाने के लिए पांडालों का निर्माण करने वाले मंडलों व समितियों को बड़े पांडालों का फायर ऑडिट कराना होगा। हालांकि इस मामले में अभी नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी मंथन कर रहे है, लेकिन संभावना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पांडालों का के लिए संबंधित आयोजकों को फायर ऑडिट कराना जरूरी होगा।
गौरतलब है कि २९ सितंबर से नवरात्रि महोत्सव की शुरूआत होगी। इस अवसर पर जहां प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगेगा। वहीं विभिन्न स्थानों पर पांडालों का निर्माण किया जाकर देवी मूर्तियों की स्थापना भी की जाएगी। सुबह-शाम आरती, पूजन के अलावा रात्रि को गरबे के भी आयोजन संपन्न होंगे और इन सभी में श्रद्धालुओं का तांता लगेगा।
अमुमन पांडालों में सुरक्षा के प्रबंध करने की तरफ आयोजकों द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता है लेकिन पांडालों में जिस तरह से श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पांडालों का फायर ऑडिट कराना अनिवार्य किया जा सकता है। इधर यह भी जानकारी मिली है कि आयोजकों को संबंधित थानों से अनुमति प्राप्त करना होगी।
सफाई पर ध्यान- निगमायुक्त
नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने अक्षरविश्व को बताया कि शहर में बनने वाले बड़े पांडालों, गरबा आयोजन स्थलों का फायर ऑडिट कराने के मामले में जिला प्रशासन के अधिकारियों से चर्चा चल रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए फायर ऑडिट कराना जरूरी प्रतीत होता है। इसके अलावा देवी मंदिरों, गरबा उत्सव स्थलों आदि की सफाई व्यवस्था पर भी विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा।
क्या है फायर ऑडिट
शासकीय भवनों में आग की घटना होने पर इससे निजात पाने के लिए क्या-क्या साधन है, इसकी जानकारी के लिए फायर ऑडिट किया जाता है लेकिन बीते वर्षों से नवरात्रि उत्सव पांडालों में जिस तरह से श्रद्धालुओं की संख्या में बढा़ेतरी देखी जा रही है, उससे अब इनकी सुरक्षा के लिए प्रशासन को चिंता है। यही कारण है कि जिला व निगम प्रशासन विशेषकर बड़े पांडालों, गरबा स्थलों का फायर ऑडिट कराना अनिवार्य कर रहा है।